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जे.एस.पी.एल. द्वारा इन्जीनियर्स मीट, जीवन मूल्यवान है, इसलिए क्वालिटी के प्रति सजग है जिन्दल पैंथरः रोहित लांबा

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भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ हो या आग जैसी आपदाएं, जिन्दल पैंथर सच्चा साथी फॉस्फोरस और सल्फर की मात्रा नियंत्रित रखने के लिए दुनिया की सर्वोत्कृष्ट तकनीक का इस्तेमाल में भारत का एक अग्रणी बहुराष्ट्रीय ब्रांड है जिन्दल पैंथर, देश के कोने-कोने में उपलब्ध भी है। यूरोप, मध्य-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में भी भारी मांग, कनाडा के बाजार में भी बना पाया है पहचान। अमेरिका में भी प्रवेश की पूरी तैयारी है। विश्व स्तर पर जिन्दल पैंथर को मान्यता सिर्फ टीएमटी रिबार में ही नहीं बल्कि निर्माण संबंधी काम्बिनेशन में सक्षम है।
निर्माण संबंधी हर समाधान देने के लिए हम तैयारः हिमांशु बिंयाला
बिलासपुर, 21 अक्टूबर 2021 –निर्माण के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बहुराष्ट्रीय भारतीय ब्रांड जिन्दल पैंथर के ग्रुप मार्केटिंग हेड रोहित लांबा ने कहा कि उनकी कंपनी की निगाह में प्रत्येक जीवन मूल्यवान है इसलिए वह क्वालिटी के प्रति सजगता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ या आग के संकट में जिन्दल पैंथर नागरिकों का सच्चा साथी है क्योंकि तमाम आपदाओं को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च तकनीक का उपयोग कर जिन्दल पैंथर टीएमटी रिबार तैयार किया जाता है।
छत्तीसगढ़ सिविल इंजीनियर एसोसिएशन, बिलासपुर के प्रेसिडेंट आर.के.सोनी और सचिव गिरीश पाठक की उपस्थिति में यहां आज होटल इंपीरियल में आयोजित इंजीनियर्स एंड आर्किटेक्ट मीट में श्री लांबा ने कहा कि जिस तरह स्वस्थ जीवन के लिए पौष्टिक भोजन आवश्यक है, उसी तरह स्वस्थ आवास के लिए गुणवत्तायुक्त सामग्री की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्टील तैयार करने की कई तकनीक हैं लेकिन बेहतरीन तकनीक वह है जो स्टील में फॉसफोरस और सल्फर की मात्रा नियंत्रित रखे। जिन्दल पैंथर ब्लास्ट फर्नेस और डीआरआई प्रणाली, बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस, इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस, लैडल रिफाइनिंग फर्नेस और अन्य आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर टीएमटी रिबार में फॉसफोरस और सल्फर की मात्रा नियंत्रित रखता है, जिससे गलने और जलने दोनों के खतरे न के बराबर रह जाते हैं। इसके अलावा यह भूकंप, भूस्खलन और अन्य आपदाओं में भी कवच का काम करता है। जिन्दल पैंथर लौह अयस्क से टीएमटी रिबार तैयार करता है, जिससे इसके उत्पाद में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शुद्धता रहती है।
श्री लांबा ने कहा कि जिन्दल पैंथर लोगों के भरोसे पर खरा उतर रहा है। यह देश के कोने-कोने में उपलब्ध है और अग्रणी बहुराष्ट्रीय ब्रांड भी बन गया है। हमारे उत्पाद की मांग यूरोप, मध्य-पूर्वी एशियाई देश, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप में अच्छी है। जिन्दल पैंथर कनाडा में अपनी पहचान बना रहा है और अमेरिकी बाजार में प्रवेश के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि देश में सस्ता के चक्कर में लोग क्वालिटी से समझौता कर लेते हैं और उन कंपनियों के उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं, जो इंडक्शन फर्नेस से रिबार तैयार करते हैं। कबाड़ इनका रॉ मैटीरियल होता है और इनके पास रिफाइनिंग की अन्य शुद्धता प्रणालियों का अभाव होता है, जिससे इनके उत्पाद में फॉसफोरस और सल्फर की मात्रा अधिक होती है। फॉसफोरस अधिक होने पर सरिया के कठोर होकर टूटने, या जल्दी जंग लगने और सल्फर की मात्रा अधिक होने पर आग बेकाबू होने का खतरा रहता है। उन्होंने टाइटनिक हादसे का उदाहरण दिया, जो आइसबर्ग से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया था क्योंकि उसके स्टील में फॉस्फोरस अधिक था। इसी तरह न्यूयॉर्क के ट्विन टावर पर जब विमान हमला हुआ तो आग लगने के कारण वह भरभरा कर गिर गया क्योंकि उसके स्टील में सल्फर की मात्रा अधिक थी।
इस अवसर पर जिन्दल पैंथर प्रोडक्ट अप्लीकेशन ग्रुप के प्रबंधक हिमांशु बिंयाला ने बताया कि निर्माण हमारे जीवन की मूलभूत आवश्यकता है इसलिए जिन्दल पैंथर ने टीएमटी रिबार समेत अनेक समाधान बाजार में प्रस्तुत किये हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षित जीवन के लिए उपभोक्ताओं की जागरूकता सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोलकाता, भुबनेश्वर में ब्रिज का ढहना, मुंबई के वडाला स्थित लॉयड एस्टेट में पार्किंग स्थल का धंसना और गाजियाबाद के वसुंधरा में सड़क टूटकर खाई में तब्दील हो जाना ऐसे उदाहरण हैं जो देश में बुनियादी ढांचे के विकास में आ रही कमियों की ओर ध्यान दिला रहे हैं। ऐसे अनगिनत मामले सामने आए हैं, जिनमें मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल न होने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है और बेशकीमती जानें भी गई हैं।
श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपीएल) के निमंत्रण पर आयोजित इस इंजीनियर्स एंड आर्किटेक्ट मीट की मेजबानी ए.आर. एंटरप्राइजेज ने किया। इस अवसर पर निदेशक श्री राजेश मोदी ने जिन्दल पैंथर की विश्वसनीयता की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से हम उपभोक्ताओं में क्वालिटी के प्रति चेतना जगाने का काम कर रहे हैं। उपभोक्ताओं की गुणवत्ता चेतना से ही कोई भी राष्ट्र महान बनता है। इस अवसर पर जेएसपीएल के प्रेसिडेंट एंड सीएमओ (वायर रॉड एंड राउंड) राजकमल श्रीवास्तव, महाप्रबंधक पारस शर्मा, बिलासपुर के अनेक नामचीन इंजीनियर और आर्किटेक्ट उपस्थित रहे।

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अहमदाबाद

अदाणी समूह अगले दशक में ऊर्जा परिवर्तन व डिजिटल इंफ्रा पर करेगा 100 बिलियन डॉलर खर्च : जेफरीज

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अहमदाबाद । रिसर्च ग्रुप जेफरीज की आई रिपोर्ट में कहा गया है कि अदाणी समूह अगले दशक में ऊर्जा परिवर्तन परियोजनाओं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 बिलियन डॉलर खर्च कर सकता है। यह बात आई जेफरीज की रिपोर्ट में कही गई है। निवेशकों की बैठक में अदाणी समूह के प्रबंधन ने वित्त वर्ष 24 में मजबूत परिचालन प्रदर्शन, पांच वर्षों के लिए 27 प्रतिशत सीएजीआर और व्यवसाय में सर्वाधिक लाभ की रूपरेखा तैयार की। अदाणी पोर्टफोलियो ने वित्त वर्ष 24 में 10 बिलियन डॉलर का ईबीआईटीडीए (परिचालन आय सहित) हासिल किया। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है, “80 प्रतिशत से अधिक ईबीआईटीडीए इंफ्रा संबंधित व्यवसाय से आया है। प्रबंधन ने व्यवसायों के लिए कर के बाद उच्च नकदी (एफएफओ) से ईबीआईटीडीए अनुपात के बारे में भी बात की। इसमें परिचालन से प्राप्त धन (एफएफओ) सभी ऋण परिपक्वताओं को कवर करने के लिए पर्याप्त है।” कंपनी के अनुसार, अनुबंधित ईबीआईटीडीए कुल समूह ईबीआईटीडीए का 80 प्रतिशत है और नकद भंडार उधार के 20 प्रतिशत से अधिक है, जो समूह के नकदी प्रवाह और सिस्टम जोखिम के समाधान में मदद करता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “प्रबंधन समूह स्तर पर पुनर्वित्त जोखिम नहीं देखता है। यह भी कहा कि दर और विदेशी मुद्रा अस्थिरता के बावजूद प्रभावी पूंजी प्रबंधन योजना दर वृद्धि के साथ प्रोफाइल स्थिरता में परिलक्षित हुई है।” डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो समूह देश भर में उपभोक्ताओं के साथ कई टचपॉइंट स्थापित करने में सक्षम रहा है। जेफरीज के अनुसार, समूह को जनसांख्यिकीय लाभांश दिखने की उम्मीद है, अदाणी के मुख्य इंफ्रा प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता आधार पहले से ही 350 मिलियन यूजर्स को पार कर चुका है। इसमें कहा गया है, “समूह मध्यम अवधि में इसका लाभ उठाने की कोशिश करेगा।” अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के लिए, जीएच2 (ग्रीन हाइड्रोजन) परियोजनाएं समूह का सबसे अधिक पूंजीगत व्यय वाला उपक्रम होगा। रिपोर्ट में कहा गया है, “हवाई अड्डे के कारोबार को यातायात और गैर-हवाई प्रवृत्तियों में वृद्धि से लाभ मिलना चाहिए। कंपनी का लक्ष्य भारत के हवाई अड्डे के निजीकरण योजना के तहत नए हवाई अड्डों के लिए बोली लगाना है।” हाल ही में एक तांबे की परियोजना शुरू की गई और कोयले से पीवीसी परियोजना पर काम शुरू हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है, “प्रबंधन को पूंजीगत व्यय के दौरान शुद्ध ऋण/ईबीआईटीडीए के साथ 5 गुना से अधिक नहीं दिख रहा है।” अंबुजा सीमेंट्स के लिए, कंपनी ने दोहराया कि वित्त वर्ष 28 तक 140 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की समयसीमा पटरी पर है और कंपनी 1,500 रुपये ईबीआईटीडीए/टी का मार्गदर्शन जारी रखे हुए है। जेफरीज ने कहा, “कंपनी वित्त वर्ष 28 तक 3,650 रुपये प्रति टन (वर्तमान से 500 रुपये प्रति टन से भी कम) की उत्पादन लागत तक पहुंचने की उम्मीद कर रही है, जो वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ होगी। कंपनी मध्यम अवधि में अपनी सभी सीमेंट कंपनियों को एक ही मद में समेकित करने की योजना बना रही है, और सबसे बेहतर ढांचे की पहचान करने के लिए काम कर रही है।” अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) के लिए, कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 26ई तक 170 अरब रुपये की निर्माणाधीन ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों को चालू करना है। कंपनी ने 12-15 महीनों में 1.1 ट्रिलियन रुपये की टैरिफ- आधारित प्रतिस्पर्धी बोली पाइपलाइन का संकेत दिया, इसमें एईएसएल की 16 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है। इस बीच, अदाणी ग्रीन ने मार्च में 10.9 गीगावाट की क्षमता स्थापित की थी, और 11 गीगावाट की अन्य परियोजनाएं निष्पादन के अधीन हैं। “कंपनी का वित्त वर्ष 25ई और वित्त वर्ष 26ई में प्रति वर्ष 6-8 गीगावाट क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रबंधन ने वित्त वर्ष 30 तक क्षमता को 50 गीगावाट तक बढ़ाने के अपने रुख को दोहराया है, इसमें 5 गीगावाट पंप हाइड्रो परियोजना भी शामिल है।

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Business

हजारों लोगों की उपस्थिति में अदाणी पॉवर लिमिटेड,रायखेड़ा के विस्तार के लिए पर्यावरण संरक्षण मंडल की जनसुनवाई सफलता पूर्वक सम्पन्न

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•90 प्रतिशत लोगों ने पक्ष में दिया अपना समर्थन,

•हजारों लोगों को नौकरी तथा इतने ही स्वरोजगार के अवसर की उम्मीद

•कंपनी ने जताई गांवों में सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता

रायपुर । पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जिले के तिल्दा ब्लॉक में अदाणी पॉवर लिमिटेड के प्रस्तावित 1600 मेगावाट के विस्तार के लिए शनिवार को आयोजित जनसुनवाई शांति पूर्वक सम्पन्न हो गई। कलेक्टर रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के पर्यावरण स्वीकृति के आदेश के लिए जनसुनवाई 22 जून 2024 को प्रातः 11:00 बजे से ग्राम ताराशिव के शासकीय स्कूल के पास खेल मैदान में आयोजित की गई। जिसमें पीठासीन अधिकारी के रूप में रायपुर के अतिरिक्त कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, एसडीएम प्रकाश टंडन तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी प्रकाश रबड़े मौजूद थे। परियोजना के बारे में जानकारी अदाणी पॉवर लिमिटेड, रायखेड़ा के पर्यावरण विभाग प्रमुख आर एन शुक्ला ने दी। जनसुनवाई लगभग 1.30 घंटे तक चली। जिसमें तिल्दा तहसील के ग्राम रायखेड़ा, भाटपारा, चिचोली, गैतरा, ताराशिव, बहेसर, छतौद, खमरिया इत्यादि सहित 14 गांव के हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान सभा में ग्रामीणों द्वारा मुख्यरूप से क्षेत्र का विकास, नौकरी और स्वरोजगार के लिए उचित प्रबंध सहित कई बातों तथा सुझावों को पीठासीन ने बड़े ही ध्यानपूर्वक सुनकर कंपनी के अधिकारीयों की उपस्थिति में संबंधित मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाया। हालांकि जनसुनवाई में कुछ ग्रामीणों ने विरोध भी किया किन्तु समर्थन में ज्यादा लोगों ने अपनी बात रखी।


इस तरह लोक सुनवाई में पधारे 90 फीसदी लोगों ने अदाणी पॉवर लिमिटेड ने 800 मेगावाट की दो इकाई के विस्तारण हेतु का समर्थन किया। तिल्दा जनपद के पूर्व अध्यक्ष और रायखेड़ा गांव के दाऊ देवव्रत नायक, तिल्दा ब्लॉक के कुर्मी समाज के अध्यक्ष ठाकुर राम वर्मा, सरपंच रायखेड़ा श्रीमती सुकवती कुर्रे, दिलीप वर्मा, कमल बांधे जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय मजदूर काँग्रेस, सोमकांत निर्मलकर प्रदेश सचिव मजदूर काँग्रेस, गैतरा गांव के पूर्व सरपंच रूपेन्द्र कटारिया, चिचोली के पूर्व सरपंच राजकुमार ठाकुर, ताराशिव के सरपंच मनीष कुमार वर्मा, राजू शर्मा सभापति जिला पचायत, रायपुर, वेद राम मनहरे संयोजक भाजपा प्रदेश नशा मुक्ति अभियान एवं भाजपा तिल्दा ब्लॉक के सदस्य अनिल अग्रवाल सहित हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने लोक जनसुनवाई में अपनी बात रखी। इन्होंने इसके विस्तारण से क्षेत्र में विकास के नए आयाम खुलने साथ ही हजारों लोगों को नई नौकरियां मिलने की संभावनाएं और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होने की उम्मीद जताते हुए अदाणी पॉवर लिमिटेड के विस्तारण के लिए अपनी सहमति प्रदान करने की बात कही। ग्राम खमरिया की चमेली रजक ने जनसुनवाई के दौरान कहा कि, “अदाणी पॉवर लिमिटेड के आने से हमारे गाँव में कई विकास के कार्य चल रहे हैं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में भी कई उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। जिसमें सभी गांव इनकी सभी कार्यक्रमों से लाभान्वित हैं। इसलिए मैं अदाणी पॉवर लिमिटेड के संयंत्र विस्तारण का समर्थन करती हूँ।“


सभा में सरपंच संघ अध्यक्ष मिथलेश साहू, ताराशिव के सरपंच मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि, “ जब से अदाणी पॉवर लिमिटेड हमारे गांव में आया है तब से हमारे गांव की महिलाओं एवं युवाओं को नौकरी सहित स्वरोजगार से जोड़ा गया है। अदाणी फाउंडेशन की सामाजिक सहभागिता के कार्यों से सभी पास के ग्रामों में भी स्वास्थ्य, शिक्षा आजीविका के कार्ये से लोगों का समुचित विकास हो रहा है। इसलिए मैं हमारे गांव तथा क्षेत्र में अदाणी पॉवर लिमिटेड के विस्तारण का समर्थन करता हूँ।“

उल्लेखनीय है कि अदाणी पॉवर लिमिटेड की रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक में सुपर क्रिटिकल तकनीक की दो इकाइयां कुल 1370 मेगावाट की क्षमता पिछले आठ सालों से संचालित है। जिसके सामाजिक सराकारों के तहत आसपास के कुल 37000 से अधिक जनसंख्या वाले 14 से अधिक ग्रामों में अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका उन्नयन और ढांचागत विकास के कई कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है। जन सुनवाई के सफल होने पर उपस्थित लोगों ने खुशी जाहीर की।

जन सुनवाई के अंत में अदाणी पॉवर लिमिटेड के स्टेशन प्रमुख श्रीकांत वैद्य ने जनसुनवाई में पधारे सभी ग्रामीणों को कंपनी के सामाजिक सरोकारों के माध्यम से हर तरफ विकासात्मक कार्य कराने की अपनी प्रतिबद्धता की बात कही तथा उपस्थित सभी ग्रामीणजनों, प्रशासनिक अधिकारियों, हितधारकों, तथा जनसुनवाई के आयोजन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने वाले सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापित कर आभार जताया।

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नई दिल्ली

“ONGC and Indian Oil Forge Strategic Partnership to Establish LNG Plant Near Hatta Gas Field

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New Delhi । ONGC and IndianOil Corporation Limited (IOCL) signed a memorandum of understanding (MoU) to establish a small-scale Liquefied Natural Gas (LNG) plant near the Hatta Gas Field in the Vindhyan Basin on 17 June 2024. The establishment of the Hatta LNG plant will significantly enhance the Vindhyan Basin’s status, upgrading it from a Category II to a Category I Basin.

The MoU signing ceremony took place at Deendayal Urja Bhawan, New Delhi, attended by Director (Planning & Business Development) IOCL, Sujoy Chaudhary and Director (Exploration) ONGC, Sushma Rawat

The plant will utilize cutting-edge technology to produce LNG, a cleaner alternative to traditional fossil fuels, significantly reducing carbon emissions and aligning with India’s climate change mitigation goals.

The discovery at Hatta represents the culmination of five decades of sustained exploration efforts. ONGC has already submitted its Field Development Plan (FDP) to the Directorate General of Hydrocarbons (DGH) to monetize its assets in the Hatta area.

The ‘non-binding MoU’ for a Technology Demonstration Small Scale LNG plant at Hatta, Madhya Pradesh’ between ONGC and Indian Oil is a visionary step towards a sustainable and prosperous future for India.

As the nation advances on its path to energy self-sufficiency, the Hatta LNG plant will stand as a symbol of innovation, collaboration, and unwavering commitment to a greener tomorrow.”

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