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पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन की दिशा मे बालको के कार्यउत्कृष्ट

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30 जनवरी 2020 ,भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा मे परियोजना ‘पहल’ संचालित की है।इसका उद्देश्य बालको टाउनशिप को प्लास्टिक बैग मुक्त बनाना और कर्मचारियों तथा व्यवसाय के साझेदारों को प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण के महत्व से परिचित कराना है।
बालको छत्तीसगढ़ की उन प्रमुख कंपनियों में शामिल है जिसने प्लास्टिक के उन्मूलन की दिशा में कार्यक्रम संचालित किया है।‘ पहल’ की सफलता में बालको नगर चेंबर ऑफ काॅमर्स का उत्कृष्ट सहयोग है। परियोजना के अंतर्गत बालको टाउनशिप के नागरिकों को पर्यावरण संवेदीथैली वितरित किए गए हैं।सिंगल यूज प्लास्टिक से बचाव की दिशा में नागरिकों को जागरूक किया गया है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति कहते हैं कि पहल कार्यक्रम का उद्देश्य टाउनशिप के नागरिकांे को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराना है। इस तरह का वातावरण निर्मित किया जा रहा है जिससे प्रत्येक नागरिक अपने पर्यावरण को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में योगदान कर सके। शून्यक्षति, शून्यअपशिष्ट, शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य के अनु रूप्बालको अत्याधुनिक तकनीको को अपनाने, संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन तथा औद्योगिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण के उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए कटि बद्धहै।
कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने की दिशा में न्यूनतम आवश्यक कार्य बल और संसाधनों के साथ बालको संयंत्र का संचालन किया जा रहा है। केंद्र और राज्य शासन के दिशािनर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया है। बालको ने अपने संसाधनों का प्रयोग इस प्रकार किया है जिससे कर्मचारियों, व्यवसाय के साझेदारों, समुदाय और संयंत्र के आसपास के क्षेत्रों के नागरिको को कोरोना वाइरस के प्रतिजागरूक और सुरक्षित बनाया जा सके। छत्तीसगढ़ राज्य में बालको पहली ऐसी कंपनी है जोवैधानिक आवश्यकता अनुरूप्बालको अस्पताल मे अपने कर्मचारियो और व्यवसाय केसाझेदारों की प्री-मेडिकल और पीरियोडिक मेडिकल एक्जामिनेशन सुनिश्चित करता है।
बालको सेफ्टी मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए सुरक्षा के अनेक मानदंडों की रीयलटाइम माॅनिटरिंगकी जा रही है। डाटा के विश्लेषण के माध्यम से सुरक्षा को पुख्ता बनाने में मदद मिल रही है। बालको संयंत्र में कार्यरत ठेका कंपनी लिज माॅन्टेजेंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहायक प्रबंधक श्री अंकित सिंह बताते हैं कि बालको ने अपने कर्मचारियों की तरह ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की देख भाल की है। औद्योगिक सुरक्षा, स्वच्छता और सैनिटाइजेशन के मानदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है वहीं रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए बालको कर्मचारियों के साथ ही ठेका कर्मचारियों को हेल्थ सप्लिमेंट उपलब्ध कराए गए हैं। बालको के विद्युत संयंत्र मे कार्यरत संजीब कुमार पांडा ने बताया कि बालको में कर्मचारियों की सुरक्षा और व्यवसाय संचालन के मानदंड उत्कृष्ट हैं। बालको में नियोजित प्रत्येक कर्मचारी को सुरक्षा के मानदंडों से परिचित कराया जाता है। विभिन्न कार्यक्षेत्रों में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग की निगरानी की जाती है। वह और उनका परिवार बालको में सुरक्षित महसूस करते हैं।
‘शून्यक्षति, शून्यअपशिष्ट और शून्य उत्सर्जन’ नीति अनुसार बालको फ्यूमट्रीटमेंटप्लांट (एफटीपी) जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए वायु की गुणवत्ता को नियंत्रित करता है।फ्लाईऐश के निपटारे के लिए अत्याधुनिक हाई कंसंट्रेशन स्लरीडिस्पो जल सिस्टम (एचसीएसडी) का प्रयोग किया जाता है। फ्लाईऐशका 100 फीसदी यूटिलाइजेशन फ्लाईऐश अधिसूचना के अंतर्गत किया जाता है। टाउनशिप से निकलने वाले जैविक अपशिष्ट के निपटारे के लिए साॅलिड एंड लिक्विड रिसोर्समैनेजमेंट सेंटर (एसआरएलएम) स्थापित है। इससे जैविक अपशिष्ट को कंपोस्ट मे बदलने मे मदद मिलती है। हरियाली संवर्धन के लिए संयंत्र और आसपास के क्षेत्रों में साढ़े पांच लाख पौधे रोपे गए हैं।स्मेल्टर के प्रचालन में जलका 100 फीसदी रीसाइकल सुनिश्चित किया गया है।

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अहमदाबाद

अदाणी समूह अगले दशक में ऊर्जा परिवर्तन व डिजिटल इंफ्रा पर करेगा 100 बिलियन डॉलर खर्च : जेफरीज

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अहमदाबाद । रिसर्च ग्रुप जेफरीज की आई रिपोर्ट में कहा गया है कि अदाणी समूह अगले दशक में ऊर्जा परिवर्तन परियोजनाओं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 बिलियन डॉलर खर्च कर सकता है। यह बात आई जेफरीज की रिपोर्ट में कही गई है। निवेशकों की बैठक में अदाणी समूह के प्रबंधन ने वित्त वर्ष 24 में मजबूत परिचालन प्रदर्शन, पांच वर्षों के लिए 27 प्रतिशत सीएजीआर और व्यवसाय में सर्वाधिक लाभ की रूपरेखा तैयार की। अदाणी पोर्टफोलियो ने वित्त वर्ष 24 में 10 बिलियन डॉलर का ईबीआईटीडीए (परिचालन आय सहित) हासिल किया। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है, “80 प्रतिशत से अधिक ईबीआईटीडीए इंफ्रा संबंधित व्यवसाय से आया है। प्रबंधन ने व्यवसायों के लिए कर के बाद उच्च नकदी (एफएफओ) से ईबीआईटीडीए अनुपात के बारे में भी बात की। इसमें परिचालन से प्राप्त धन (एफएफओ) सभी ऋण परिपक्वताओं को कवर करने के लिए पर्याप्त है।” कंपनी के अनुसार, अनुबंधित ईबीआईटीडीए कुल समूह ईबीआईटीडीए का 80 प्रतिशत है और नकद भंडार उधार के 20 प्रतिशत से अधिक है, जो समूह के नकदी प्रवाह और सिस्टम जोखिम के समाधान में मदद करता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “प्रबंधन समूह स्तर पर पुनर्वित्त जोखिम नहीं देखता है। यह भी कहा कि दर और विदेशी मुद्रा अस्थिरता के बावजूद प्रभावी पूंजी प्रबंधन योजना दर वृद्धि के साथ प्रोफाइल स्थिरता में परिलक्षित हुई है।” डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो समूह देश भर में उपभोक्ताओं के साथ कई टचपॉइंट स्थापित करने में सक्षम रहा है। जेफरीज के अनुसार, समूह को जनसांख्यिकीय लाभांश दिखने की उम्मीद है, अदाणी के मुख्य इंफ्रा प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता आधार पहले से ही 350 मिलियन यूजर्स को पार कर चुका है। इसमें कहा गया है, “समूह मध्यम अवधि में इसका लाभ उठाने की कोशिश करेगा।” अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के लिए, जीएच2 (ग्रीन हाइड्रोजन) परियोजनाएं समूह का सबसे अधिक पूंजीगत व्यय वाला उपक्रम होगा। रिपोर्ट में कहा गया है, “हवाई अड्डे के कारोबार को यातायात और गैर-हवाई प्रवृत्तियों में वृद्धि से लाभ मिलना चाहिए। कंपनी का लक्ष्य भारत के हवाई अड्डे के निजीकरण योजना के तहत नए हवाई अड्डों के लिए बोली लगाना है।” हाल ही में एक तांबे की परियोजना शुरू की गई और कोयले से पीवीसी परियोजना पर काम शुरू हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है, “प्रबंधन को पूंजीगत व्यय के दौरान शुद्ध ऋण/ईबीआईटीडीए के साथ 5 गुना से अधिक नहीं दिख रहा है।” अंबुजा सीमेंट्स के लिए, कंपनी ने दोहराया कि वित्त वर्ष 28 तक 140 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की समयसीमा पटरी पर है और कंपनी 1,500 रुपये ईबीआईटीडीए/टी का मार्गदर्शन जारी रखे हुए है। जेफरीज ने कहा, “कंपनी वित्त वर्ष 28 तक 3,650 रुपये प्रति टन (वर्तमान से 500 रुपये प्रति टन से भी कम) की उत्पादन लागत तक पहुंचने की उम्मीद कर रही है, जो वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ होगी। कंपनी मध्यम अवधि में अपनी सभी सीमेंट कंपनियों को एक ही मद में समेकित करने की योजना बना रही है, और सबसे बेहतर ढांचे की पहचान करने के लिए काम कर रही है।” अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) के लिए, कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 26ई तक 170 अरब रुपये की निर्माणाधीन ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों को चालू करना है। कंपनी ने 12-15 महीनों में 1.1 ट्रिलियन रुपये की टैरिफ- आधारित प्रतिस्पर्धी बोली पाइपलाइन का संकेत दिया, इसमें एईएसएल की 16 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है। इस बीच, अदाणी ग्रीन ने मार्च में 10.9 गीगावाट की क्षमता स्थापित की थी, और 11 गीगावाट की अन्य परियोजनाएं निष्पादन के अधीन हैं। “कंपनी का वित्त वर्ष 25ई और वित्त वर्ष 26ई में प्रति वर्ष 6-8 गीगावाट क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रबंधन ने वित्त वर्ष 30 तक क्षमता को 50 गीगावाट तक बढ़ाने के अपने रुख को दोहराया है, इसमें 5 गीगावाट पंप हाइड्रो परियोजना भी शामिल है।

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Business

हजारों लोगों की उपस्थिति में अदाणी पॉवर लिमिटेड,रायखेड़ा के विस्तार के लिए पर्यावरण संरक्षण मंडल की जनसुनवाई सफलता पूर्वक सम्पन्न

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•90 प्रतिशत लोगों ने पक्ष में दिया अपना समर्थन,

•हजारों लोगों को नौकरी तथा इतने ही स्वरोजगार के अवसर की उम्मीद

•कंपनी ने जताई गांवों में सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता

रायपुर । पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जिले के तिल्दा ब्लॉक में अदाणी पॉवर लिमिटेड के प्रस्तावित 1600 मेगावाट के विस्तार के लिए शनिवार को आयोजित जनसुनवाई शांति पूर्वक सम्पन्न हो गई। कलेक्टर रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के पर्यावरण स्वीकृति के आदेश के लिए जनसुनवाई 22 जून 2024 को प्रातः 11:00 बजे से ग्राम ताराशिव के शासकीय स्कूल के पास खेल मैदान में आयोजित की गई। जिसमें पीठासीन अधिकारी के रूप में रायपुर के अतिरिक्त कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, एसडीएम प्रकाश टंडन तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी प्रकाश रबड़े मौजूद थे। परियोजना के बारे में जानकारी अदाणी पॉवर लिमिटेड, रायखेड़ा के पर्यावरण विभाग प्रमुख आर एन शुक्ला ने दी। जनसुनवाई लगभग 1.30 घंटे तक चली। जिसमें तिल्दा तहसील के ग्राम रायखेड़ा, भाटपारा, चिचोली, गैतरा, ताराशिव, बहेसर, छतौद, खमरिया इत्यादि सहित 14 गांव के हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान सभा में ग्रामीणों द्वारा मुख्यरूप से क्षेत्र का विकास, नौकरी और स्वरोजगार के लिए उचित प्रबंध सहित कई बातों तथा सुझावों को पीठासीन ने बड़े ही ध्यानपूर्वक सुनकर कंपनी के अधिकारीयों की उपस्थिति में संबंधित मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाया। हालांकि जनसुनवाई में कुछ ग्रामीणों ने विरोध भी किया किन्तु समर्थन में ज्यादा लोगों ने अपनी बात रखी।


इस तरह लोक सुनवाई में पधारे 90 फीसदी लोगों ने अदाणी पॉवर लिमिटेड ने 800 मेगावाट की दो इकाई के विस्तारण हेतु का समर्थन किया। तिल्दा जनपद के पूर्व अध्यक्ष और रायखेड़ा गांव के दाऊ देवव्रत नायक, तिल्दा ब्लॉक के कुर्मी समाज के अध्यक्ष ठाकुर राम वर्मा, सरपंच रायखेड़ा श्रीमती सुकवती कुर्रे, दिलीप वर्मा, कमल बांधे जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय मजदूर काँग्रेस, सोमकांत निर्मलकर प्रदेश सचिव मजदूर काँग्रेस, गैतरा गांव के पूर्व सरपंच रूपेन्द्र कटारिया, चिचोली के पूर्व सरपंच राजकुमार ठाकुर, ताराशिव के सरपंच मनीष कुमार वर्मा, राजू शर्मा सभापति जिला पचायत, रायपुर, वेद राम मनहरे संयोजक भाजपा प्रदेश नशा मुक्ति अभियान एवं भाजपा तिल्दा ब्लॉक के सदस्य अनिल अग्रवाल सहित हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने लोक जनसुनवाई में अपनी बात रखी। इन्होंने इसके विस्तारण से क्षेत्र में विकास के नए आयाम खुलने साथ ही हजारों लोगों को नई नौकरियां मिलने की संभावनाएं और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होने की उम्मीद जताते हुए अदाणी पॉवर लिमिटेड के विस्तारण के लिए अपनी सहमति प्रदान करने की बात कही। ग्राम खमरिया की चमेली रजक ने जनसुनवाई के दौरान कहा कि, “अदाणी पॉवर लिमिटेड के आने से हमारे गाँव में कई विकास के कार्य चल रहे हैं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में भी कई उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। जिसमें सभी गांव इनकी सभी कार्यक्रमों से लाभान्वित हैं। इसलिए मैं अदाणी पॉवर लिमिटेड के संयंत्र विस्तारण का समर्थन करती हूँ।“


सभा में सरपंच संघ अध्यक्ष मिथलेश साहू, ताराशिव के सरपंच मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि, “ जब से अदाणी पॉवर लिमिटेड हमारे गांव में आया है तब से हमारे गांव की महिलाओं एवं युवाओं को नौकरी सहित स्वरोजगार से जोड़ा गया है। अदाणी फाउंडेशन की सामाजिक सहभागिता के कार्यों से सभी पास के ग्रामों में भी स्वास्थ्य, शिक्षा आजीविका के कार्ये से लोगों का समुचित विकास हो रहा है। इसलिए मैं हमारे गांव तथा क्षेत्र में अदाणी पॉवर लिमिटेड के विस्तारण का समर्थन करता हूँ।“

उल्लेखनीय है कि अदाणी पॉवर लिमिटेड की रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक में सुपर क्रिटिकल तकनीक की दो इकाइयां कुल 1370 मेगावाट की क्षमता पिछले आठ सालों से संचालित है। जिसके सामाजिक सराकारों के तहत आसपास के कुल 37000 से अधिक जनसंख्या वाले 14 से अधिक ग्रामों में अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका उन्नयन और ढांचागत विकास के कई कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है। जन सुनवाई के सफल होने पर उपस्थित लोगों ने खुशी जाहीर की।

जन सुनवाई के अंत में अदाणी पॉवर लिमिटेड के स्टेशन प्रमुख श्रीकांत वैद्य ने जनसुनवाई में पधारे सभी ग्रामीणों को कंपनी के सामाजिक सरोकारों के माध्यम से हर तरफ विकासात्मक कार्य कराने की अपनी प्रतिबद्धता की बात कही तथा उपस्थित सभी ग्रामीणजनों, प्रशासनिक अधिकारियों, हितधारकों, तथा जनसुनवाई के आयोजन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने वाले सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापित कर आभार जताया।

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नई दिल्ली

“ONGC and Indian Oil Forge Strategic Partnership to Establish LNG Plant Near Hatta Gas Field

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New Delhi । ONGC and IndianOil Corporation Limited (IOCL) signed a memorandum of understanding (MoU) to establish a small-scale Liquefied Natural Gas (LNG) plant near the Hatta Gas Field in the Vindhyan Basin on 17 June 2024. The establishment of the Hatta LNG plant will significantly enhance the Vindhyan Basin’s status, upgrading it from a Category II to a Category I Basin.

The MoU signing ceremony took place at Deendayal Urja Bhawan, New Delhi, attended by Director (Planning & Business Development) IOCL, Sujoy Chaudhary and Director (Exploration) ONGC, Sushma Rawat

The plant will utilize cutting-edge technology to produce LNG, a cleaner alternative to traditional fossil fuels, significantly reducing carbon emissions and aligning with India’s climate change mitigation goals.

The discovery at Hatta represents the culmination of five decades of sustained exploration efforts. ONGC has already submitted its Field Development Plan (FDP) to the Directorate General of Hydrocarbons (DGH) to monetize its assets in the Hatta area.

The ‘non-binding MoU’ for a Technology Demonstration Small Scale LNG plant at Hatta, Madhya Pradesh’ between ONGC and Indian Oil is a visionary step towards a sustainable and prosperous future for India.

As the nation advances on its path to energy self-sufficiency, the Hatta LNG plant will stand as a symbol of innovation, collaboration, and unwavering commitment to a greener tomorrow.”

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