
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका भव्य इमारतों तक एकदम सीमित नहीं रह सकती. इसे एक ऐसी सर्विस बनना होगा जो जनता के लिए बहुत सुलभ हो. भविष्य का जुडिशियल सिस्टम पूरी तरह से जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए. यह शानदार सिस्टम नागरिकों की डेली लाइफ में बहुत सहजता से जुड़ा होना चाहिए.
