
रायगढ़ । जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है। रायगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड सहित टीम को पकड़ते हुए उनके कब्जे से लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, सील-मुहर समेत कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को मिली सूचना के आधार पर की गई। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में साइबर थाना एवं महिला थाना की संयुक्त टीम ने दरोगापारा स्थित एक केंद्र में छापेमारी की।
लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहा था फर्जी रैकेट
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ संबंधी कार्य करता था, लेकिन उसकी आईडी निरस्त होने के बाद उसने अपने कार्यालय में “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म शुरू कर दिया। यहां विवाह के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।
फर्जी प्रोफाइल और यूट्यूब चैनल से ठगी
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी और उसकी टीम फर्जी जीमेल आईडी व मोबाइल नंबरों से यूट्यूब चैनल बनाकर नकली प्रोफाइल अपलोड करते थे। इच्छुक लोगों से पहले बायोडाटा लिया जाता, फिर रजिस्ट्रेशन और बातचीत के नाम पर यूपीआई के जरिए बार-बार रकम वसूली जाती थी। बाद में यह कहकर संपर्क खत्म कर दिया जाता कि संबंधित पक्ष को रिश्ता पसंद नहीं है।
दूसरे केंद्र से भी जुड़ा नेटवर्क
मामले में एक अन्य संस्था से भी गिरोह के तार जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने वहां भी दबिश देकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
फर्जी दस्तावेज और सील-मुहर बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को लैपटॉप में दस्तावेजों से छेड़छाड़ के प्रमाण मिले हैं। साथ ही विभिन्न शासकीय विभागों की फर्जी सील-मुहर भी बरामद की गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
एसएसपी की अपील: सतर्क रहें नागरिक
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल से सतर्क रहें और ठगी की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
