
लोकल 18 से बातचीत के दौरान मंदिर के पुजारी देवेंद्र मिश्रा बताते हैं कि बहुत समय पहले इस क्षेत्र में घना जंगल हुआ करता था. उस समय यहां म्लेच्छ नाम का एक राजा रहता था. कहा जाता है कि वह अत्यंत अत्याचारी था और जब भी किसी गांव की बारात या डोली इस रास्ते से गुजरती थी, वह उसे रोक लेता था.
