
करीब 400 साल पहले दिल्ली की इस इमारत को बनवाने के लिए मुगलों के एक शाह में सारे जहां की दौलत लगभग लुटा दी थी. 12 मई 1639 को इस इमारत की नींव रखी गई थी. यह इमारत आज भी इतनी खास है कि इसकी प्राचीर तक पहुंचने वाले शख्स की गिनती दुनिया के खास लोगों में होती है. दिल्ली की इस ऐतिहासिक इमारत से जुड़ी रोचक कहानी जानने के लिए पढ़ें आगे…
