
एनआईटी राउरकेला की एक ताजा रिसर्च में खुलासा हुआ है कि ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण भारत में मानसून का पैटर्न पूरी तरह बदलने वाला है. वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले समय में जुलाई की जगह अगस्त सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना बन जाएगा. 30 लाख साल पुराने डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि बढ़ती गर्मी हवाओं में नमी बढ़ा रही है, जिससे भविष्य में विनाशकारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है.
