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नई दिल्ली

“ONGC and Indian Oil Forge Strategic Partnership to Establish LNG Plant Near Hatta Gas Field

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New Delhi । ONGC and IndianOil Corporation Limited (IOCL) signed a memorandum of understanding (MoU) to establish a small-scale Liquefied Natural Gas (LNG) plant near the Hatta Gas Field in the Vindhyan Basin on 17 June 2024. The establishment of the Hatta LNG plant will significantly enhance the Vindhyan Basin’s status, upgrading it from a Category II to a Category I Basin.

The MoU signing ceremony took place at Deendayal Urja Bhawan, New Delhi, attended by Director (Planning & Business Development) IOCL, Sujoy Chaudhary and Director (Exploration) ONGC, Sushma Rawat

The plant will utilize cutting-edge technology to produce LNG, a cleaner alternative to traditional fossil fuels, significantly reducing carbon emissions and aligning with India’s climate change mitigation goals.

The discovery at Hatta represents the culmination of five decades of sustained exploration efforts. ONGC has already submitted its Field Development Plan (FDP) to the Directorate General of Hydrocarbons (DGH) to monetize its assets in the Hatta area.

The ‘non-binding MoU’ for a Technology Demonstration Small Scale LNG plant at Hatta, Madhya Pradesh’ between ONGC and Indian Oil is a visionary step towards a sustainable and prosperous future for India.

As the nation advances on its path to energy self-sufficiency, the Hatta LNG plant will stand as a symbol of innovation, collaboration, and unwavering commitment to a greener tomorrow.”

नई दिल्ली

एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्‍स डेटा सर्विस लिमिटेड और गुजरात इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट बोर्ड ने गुजरात में लॉजिस्टिक्‍स बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए

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नई दिल्ली । नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनआईसीडीसी) लॉजिस्टिक्‍स डेटा सर्विस लिमिटेड (एनएलडीएस) और गुजरात इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलेपमेंट बोर्ड (जीआईडीबी) ने यूनिफाइड लॉजिस्टिक्‍स इंटरफेस प्‍लेटफार्म (यूलिप) का लाभ उठाते हुए गुजरात में लॉजिस्टिक्‍स परिदृश्‍य को डिजिटाइज करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए। इस सहयोग से लॉजिस्टिक्‍स प्रचालनों को युक्तिसंगत बनाने, राज्‍य के विभागों के बीच अधिक समन्‍वय को बढ़ावा देने और रियल टाइम डेटा इनसाइट्स के माध्‍यम से निर्णय लेने की प्रक्रिया में वृद्धि को मदद मिलने की उम्‍मीद है। इस साझेदारी की मुख्‍य बात एनएलडीएस द्वारा गुजरात यूलिप डैशबोर्ड को विकसित करना है। एक हब-स्‍पोक मॉडल पर प्रचालन के लिए डिजाइन किया गया यह डैशबोर्ड विभिन्‍न राज्‍य विभागों के लिए निर्बाधित तरीके से समेकित होगा और सूचना का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करेगा। यह पोर्टल शिपमेंट ट्रेकिंग, वाहन उपयोग, अवसंरचना उपलब्‍धता और ट्रांजिट समय आदि जैसे प्रमुख लॉजिस्टिक्‍स मानकों के अनुरूप रियल टाइम स्थिति प्रदान करेगा। यह व्‍यापक टूल सरकारी और निजी क्षेत्रों के हितधारकों को प्रभावी तरीके से निगरानी करने में सक्षम बनाएगा जिससे वे पूरे राज्‍य भर में लॉजिस्टिक्‍स प्रचालनों को प्रबं‍धित कर सकें। यह सहयोग लॉजिस्टिक्‍स सेक्‍टर में प्रगति को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकीय उ‍न्‍नतियों और नवोन्‍मेषण का लाभ उठाने की एनएलडीएस की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उद्योग एवं आतंरिक व्‍यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने जीआईडीबी एवं एनएलडीएस को बधाई दी और उम्‍मीद व्यक्त की कि यह सहयोग पीएम गतिशक्ति के तहत डिजिटल रूपांतरण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता में एक प्रमुख उपलब्धि साबित होगी।

यूलिप के बारे में:

यूलिप एक डिजिटल गेटवे है जो उद्योग से जुड़ी कंपनियों को एपीआई आधारित एकीकरण के माध्‍यम से विभिन्‍न सरकार प्रणालियों से लॉजिस्टिक्‍स संबंधित डेटासेट को एक्‍सेस करने में सक्षम बनाता है। वर्तमान में, यह प्‍लेटफार्म 118 एपीआई के माध्‍यम से 10 मंत्रालयों के 37 सि‍स्‍टम के साथ समेकित है और 1800 डेटाफील्‍ड को कवर करता है। यूलिप में निजी क्षेत्र की भागीदारी इसके प्रभाव को बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण रही है और यूलिप पोर्टल (www.goulip.in) पर 950 कंपनियां पंजीकृत हैं। इसके अतिरिक्‍त, इन कंपनियों ने 90 से अधिक एप्लिकेशंस डेवलप की हैं जिससे 42 करोड़ से अधिक एपीआई ट्रांजेक्‍शन हो चुके हैं। निजी कंपनियों के अतिरिक्‍त, यूलिप विभिन्‍न मंत्रालयों और कोयला, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) जैसे विभागों और राज्‍यों को संयोजित डाटा प्रदान करने के माध्‍यम से सरकार के निर्णय लेने की प्रभावशाीलता को भी बढ़ा रहा है।

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नई दिल्ली

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तीसरी बैठक नई दिल्ली में आयोजित

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नई दिल्ली । राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (एनटीडब्ल्यूबी) की तीसरी बैठक 11 जुलाई 2024 को नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में श्री सुनील जे. सिंघी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की वेबसाइट पर एक ओपन वीसी लिंक लॉन्च किया गया, जिससे देश भर के व्यापारियों के साथ साप्ताहिक रूप से परस्पर बातचीत संभव हो सकेगी। वीसी बातचीत से व्यापारियों को खुदरा व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर साप्ताहिक आधार पर एनटीडब्ल्यूबी के साथ बातचीत करने में मदद मिलेगी। बैठक में श्री सिंघी ने रेखांकित किया कि सदस्यों और व्यापार संघों से प्राप्त अभ्यावेदन को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों के संज्ञान में लाया गया है। खुदरा व्यापार से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं की जागरूकता और पहुंच में सुधार के लिए सदस्यों से सुझाव और इनपुट मांगे गए। बैठक में व्यापार संघों और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले केन्द्र सरकार द्वारा नामित गैर-सरकारी सदस्यों के साथ-साथ भारत सरकार के नौ मंत्रालयों/विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले पदेन सदस्यों ने भाग लिया।

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नई दिल्ली

भारत-कतर संयुक्त कार्य समूह की बैठक के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल दोहा पहुंचा

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रत्न एवं आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स, एमएसएमई और खाद्य प्रसंस्करण जैसे संभावित क्षेत्रों की सहयोग के रूप में पहचान की गई

नई दिल्ली । भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिकारियों के एक समूह ने 10 जुलाई, 2024 को दोहा के कतर में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ एक संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक की। इस बैठक में भारत के वाणिज्य विभाग, अन्य मंत्रालयों एवं संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया। दोनों पक्षों ने व्यापार को सुगम बनाने और माल पर सीमा शुल्क नियंत्रण के लिए आगमन-पूर्व सूचना के आदान-प्रदान में खाद्य सुरक्षा और सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लिए जारी चर्चाओं की प्रगति की भी समीक्षा की और उन्हें शीघ्र पूर्ण करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में व्यवधान उत्पन्न करने वाले सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान निकालने और दोनों देशों के बीच व्यापार संवर्धन को सुगम बनाने पर भी सहमति जताई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश सहयोग के लिए निजी क्षेत्र के दृष्टिकोण और प्रस्तावों का अनुसरण करने और उन्हें कार्यान्वित करने में अपनी निर्धारित भूमिका निभाने के लिए संयुक्त व्यापार परिषद को सक्रिय करने की संभावित व्यवस्था पर भी विचार-विर्मश किया। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में हाल के घटनाक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि इस संबंध को और भी आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। इस संबंध में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार के साथ-साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए कई प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की। इनमें रत्न और आभूषण, सीमा शुल्क अधिकारियों के बीच सहयोग, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण और खाद्य सुरक्षा, एमएसएमई आदि में सहयोग शामिल है। संयुक्त कार्य समूह की बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग की आर्थिक सलाहकार सुश्री प्रिया पी. नायर और कतर सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं व्यापार समझौते के निदेशक श्री सालेह अल-माना ने की। भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2023-24 में 14.08 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा है। भारत कतर का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों पक्षों ने 2025 में नई दिल्ली में संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। भारत-कतर संयुक्त कार्य समूह के पहले सत्र में किया गया विचार-विमर्श सौहार्दपूर्ण और दूरदर्शितापूर्ण था। यह दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण एवं विशेष संबंधों को दर्शाता है।

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