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हजारों लोगों की उपस्थिति में अदाणी पॉवर लिमिटेड,रायखेड़ा के विस्तार के लिए पर्यावरण संरक्षण मंडल की जनसुनवाई सफलता पूर्वक सम्पन्न

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•90 प्रतिशत लोगों ने पक्ष में दिया अपना समर्थन,

•हजारों लोगों को नौकरी तथा इतने ही स्वरोजगार के अवसर की उम्मीद

•कंपनी ने जताई गांवों में सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता

रायपुर । पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जिले के तिल्दा ब्लॉक में अदाणी पॉवर लिमिटेड के प्रस्तावित 1600 मेगावाट के विस्तार के लिए शनिवार को आयोजित जनसुनवाई शांति पूर्वक सम्पन्न हो गई। कलेक्टर रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के पर्यावरण स्वीकृति के आदेश के लिए जनसुनवाई 22 जून 2024 को प्रातः 11:00 बजे से ग्राम ताराशिव के शासकीय स्कूल के पास खेल मैदान में आयोजित की गई। जिसमें पीठासीन अधिकारी के रूप में रायपुर के अतिरिक्त कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, एसडीएम प्रकाश टंडन तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी प्रकाश रबड़े मौजूद थे। परियोजना के बारे में जानकारी अदाणी पॉवर लिमिटेड, रायखेड़ा के पर्यावरण विभाग प्रमुख आर एन शुक्ला ने दी। जनसुनवाई लगभग 1.30 घंटे तक चली। जिसमें तिल्दा तहसील के ग्राम रायखेड़ा, भाटपारा, चिचोली, गैतरा, ताराशिव, बहेसर, छतौद, खमरिया इत्यादि सहित 14 गांव के हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान सभा में ग्रामीणों द्वारा मुख्यरूप से क्षेत्र का विकास, नौकरी और स्वरोजगार के लिए उचित प्रबंध सहित कई बातों तथा सुझावों को पीठासीन ने बड़े ही ध्यानपूर्वक सुनकर कंपनी के अधिकारीयों की उपस्थिति में संबंधित मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाया। हालांकि जनसुनवाई में कुछ ग्रामीणों ने विरोध भी किया किन्तु समर्थन में ज्यादा लोगों ने अपनी बात रखी।


इस तरह लोक सुनवाई में पधारे 90 फीसदी लोगों ने अदाणी पॉवर लिमिटेड ने 800 मेगावाट की दो इकाई के विस्तारण हेतु का समर्थन किया। तिल्दा जनपद के पूर्व अध्यक्ष और रायखेड़ा गांव के दाऊ देवव्रत नायक, तिल्दा ब्लॉक के कुर्मी समाज के अध्यक्ष ठाकुर राम वर्मा, सरपंच रायखेड़ा श्रीमती सुकवती कुर्रे, दिलीप वर्मा, कमल बांधे जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय मजदूर काँग्रेस, सोमकांत निर्मलकर प्रदेश सचिव मजदूर काँग्रेस, गैतरा गांव के पूर्व सरपंच रूपेन्द्र कटारिया, चिचोली के पूर्व सरपंच राजकुमार ठाकुर, ताराशिव के सरपंच मनीष कुमार वर्मा, राजू शर्मा सभापति जिला पचायत, रायपुर, वेद राम मनहरे संयोजक भाजपा प्रदेश नशा मुक्ति अभियान एवं भाजपा तिल्दा ब्लॉक के सदस्य अनिल अग्रवाल सहित हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने लोक जनसुनवाई में अपनी बात रखी। इन्होंने इसके विस्तारण से क्षेत्र में विकास के नए आयाम खुलने साथ ही हजारों लोगों को नई नौकरियां मिलने की संभावनाएं और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होने की उम्मीद जताते हुए अदाणी पॉवर लिमिटेड के विस्तारण के लिए अपनी सहमति प्रदान करने की बात कही। ग्राम खमरिया की चमेली रजक ने जनसुनवाई के दौरान कहा कि, “अदाणी पॉवर लिमिटेड के आने से हमारे गाँव में कई विकास के कार्य चल रहे हैं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में भी कई उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। जिसमें सभी गांव इनकी सभी कार्यक्रमों से लाभान्वित हैं। इसलिए मैं अदाणी पॉवर लिमिटेड के संयंत्र विस्तारण का समर्थन करती हूँ।“


सभा में सरपंच संघ अध्यक्ष मिथलेश साहू, ताराशिव के सरपंच मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि, “ जब से अदाणी पॉवर लिमिटेड हमारे गांव में आया है तब से हमारे गांव की महिलाओं एवं युवाओं को नौकरी सहित स्वरोजगार से जोड़ा गया है। अदाणी फाउंडेशन की सामाजिक सहभागिता के कार्यों से सभी पास के ग्रामों में भी स्वास्थ्य, शिक्षा आजीविका के कार्ये से लोगों का समुचित विकास हो रहा है। इसलिए मैं हमारे गांव तथा क्षेत्र में अदाणी पॉवर लिमिटेड के विस्तारण का समर्थन करता हूँ।“

उल्लेखनीय है कि अदाणी पॉवर लिमिटेड की रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक में सुपर क्रिटिकल तकनीक की दो इकाइयां कुल 1370 मेगावाट की क्षमता पिछले आठ सालों से संचालित है। जिसके सामाजिक सराकारों के तहत आसपास के कुल 37000 से अधिक जनसंख्या वाले 14 से अधिक ग्रामों में अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका उन्नयन और ढांचागत विकास के कई कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है। जन सुनवाई के सफल होने पर उपस्थित लोगों ने खुशी जाहीर की।

जन सुनवाई के अंत में अदाणी पॉवर लिमिटेड के स्टेशन प्रमुख श्रीकांत वैद्य ने जनसुनवाई में पधारे सभी ग्रामीणों को कंपनी के सामाजिक सरोकारों के माध्यम से हर तरफ विकासात्मक कार्य कराने की अपनी प्रतिबद्धता की बात कही तथा उपस्थित सभी ग्रामीणजनों, प्रशासनिक अधिकारियों, हितधारकों, तथा जनसुनवाई के आयोजन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने वाले सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापित कर आभार जताया।

नई दिल्ली

एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्‍स डेटा सर्विस लिमिटेड और गुजरात इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट बोर्ड ने गुजरात में लॉजिस्टिक्‍स बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए

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नई दिल्ली । नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनआईसीडीसी) लॉजिस्टिक्‍स डेटा सर्विस लिमिटेड (एनएलडीएस) और गुजरात इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलेपमेंट बोर्ड (जीआईडीबी) ने यूनिफाइड लॉजिस्टिक्‍स इंटरफेस प्‍लेटफार्म (यूलिप) का लाभ उठाते हुए गुजरात में लॉजिस्टिक्‍स परिदृश्‍य को डिजिटाइज करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए। इस सहयोग से लॉजिस्टिक्‍स प्रचालनों को युक्तिसंगत बनाने, राज्‍य के विभागों के बीच अधिक समन्‍वय को बढ़ावा देने और रियल टाइम डेटा इनसाइट्स के माध्‍यम से निर्णय लेने की प्रक्रिया में वृद्धि को मदद मिलने की उम्‍मीद है। इस साझेदारी की मुख्‍य बात एनएलडीएस द्वारा गुजरात यूलिप डैशबोर्ड को विकसित करना है। एक हब-स्‍पोक मॉडल पर प्रचालन के लिए डिजाइन किया गया यह डैशबोर्ड विभिन्‍न राज्‍य विभागों के लिए निर्बाधित तरीके से समेकित होगा और सूचना का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करेगा। यह पोर्टल शिपमेंट ट्रेकिंग, वाहन उपयोग, अवसंरचना उपलब्‍धता और ट्रांजिट समय आदि जैसे प्रमुख लॉजिस्टिक्‍स मानकों के अनुरूप रियल टाइम स्थिति प्रदान करेगा। यह व्‍यापक टूल सरकारी और निजी क्षेत्रों के हितधारकों को प्रभावी तरीके से निगरानी करने में सक्षम बनाएगा जिससे वे पूरे राज्‍य भर में लॉजिस्टिक्‍स प्रचालनों को प्रबं‍धित कर सकें। यह सहयोग लॉजिस्टिक्‍स सेक्‍टर में प्रगति को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकीय उ‍न्‍नतियों और नवोन्‍मेषण का लाभ उठाने की एनएलडीएस की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उद्योग एवं आतंरिक व्‍यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने जीआईडीबी एवं एनएलडीएस को बधाई दी और उम्‍मीद व्यक्त की कि यह सहयोग पीएम गतिशक्ति के तहत डिजिटल रूपांतरण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता में एक प्रमुख उपलब्धि साबित होगी।

यूलिप के बारे में:

यूलिप एक डिजिटल गेटवे है जो उद्योग से जुड़ी कंपनियों को एपीआई आधारित एकीकरण के माध्‍यम से विभिन्‍न सरकार प्रणालियों से लॉजिस्टिक्‍स संबंधित डेटासेट को एक्‍सेस करने में सक्षम बनाता है। वर्तमान में, यह प्‍लेटफार्म 118 एपीआई के माध्‍यम से 10 मंत्रालयों के 37 सि‍स्‍टम के साथ समेकित है और 1800 डेटाफील्‍ड को कवर करता है। यूलिप में निजी क्षेत्र की भागीदारी इसके प्रभाव को बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण रही है और यूलिप पोर्टल (www.goulip.in) पर 950 कंपनियां पंजीकृत हैं। इसके अतिरिक्‍त, इन कंपनियों ने 90 से अधिक एप्लिकेशंस डेवलप की हैं जिससे 42 करोड़ से अधिक एपीआई ट्रांजेक्‍शन हो चुके हैं। निजी कंपनियों के अतिरिक्‍त, यूलिप विभिन्‍न मंत्रालयों और कोयला, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) जैसे विभागों और राज्‍यों को संयोजित डाटा प्रदान करने के माध्‍यम से सरकार के निर्णय लेने की प्रभावशाीलता को भी बढ़ा रहा है।

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नई दिल्ली

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तीसरी बैठक नई दिल्ली में आयोजित

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नई दिल्ली । राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (एनटीडब्ल्यूबी) की तीसरी बैठक 11 जुलाई 2024 को नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में श्री सुनील जे. सिंघी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की वेबसाइट पर एक ओपन वीसी लिंक लॉन्च किया गया, जिससे देश भर के व्यापारियों के साथ साप्ताहिक रूप से परस्पर बातचीत संभव हो सकेगी। वीसी बातचीत से व्यापारियों को खुदरा व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर साप्ताहिक आधार पर एनटीडब्ल्यूबी के साथ बातचीत करने में मदद मिलेगी। बैठक में श्री सिंघी ने रेखांकित किया कि सदस्यों और व्यापार संघों से प्राप्त अभ्यावेदन को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों के संज्ञान में लाया गया है। खुदरा व्यापार से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं की जागरूकता और पहुंच में सुधार के लिए सदस्यों से सुझाव और इनपुट मांगे गए। बैठक में व्यापार संघों और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले केन्द्र सरकार द्वारा नामित गैर-सरकारी सदस्यों के साथ-साथ भारत सरकार के नौ मंत्रालयों/विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले पदेन सदस्यों ने भाग लिया।

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नई दिल्ली

भारत-कतर संयुक्त कार्य समूह की बैठक के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल दोहा पहुंचा

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रत्न एवं आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स, एमएसएमई और खाद्य प्रसंस्करण जैसे संभावित क्षेत्रों की सहयोग के रूप में पहचान की गई

नई दिल्ली । भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिकारियों के एक समूह ने 10 जुलाई, 2024 को दोहा के कतर में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ एक संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक की। इस बैठक में भारत के वाणिज्य विभाग, अन्य मंत्रालयों एवं संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया। दोनों पक्षों ने व्यापार को सुगम बनाने और माल पर सीमा शुल्क नियंत्रण के लिए आगमन-पूर्व सूचना के आदान-प्रदान में खाद्य सुरक्षा और सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लिए जारी चर्चाओं की प्रगति की भी समीक्षा की और उन्हें शीघ्र पूर्ण करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में व्यवधान उत्पन्न करने वाले सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान निकालने और दोनों देशों के बीच व्यापार संवर्धन को सुगम बनाने पर भी सहमति जताई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश सहयोग के लिए निजी क्षेत्र के दृष्टिकोण और प्रस्तावों का अनुसरण करने और उन्हें कार्यान्वित करने में अपनी निर्धारित भूमिका निभाने के लिए संयुक्त व्यापार परिषद को सक्रिय करने की संभावित व्यवस्था पर भी विचार-विर्मश किया। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में हाल के घटनाक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि इस संबंध को और भी आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। इस संबंध में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार के साथ-साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए कई प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की। इनमें रत्न और आभूषण, सीमा शुल्क अधिकारियों के बीच सहयोग, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण और खाद्य सुरक्षा, एमएसएमई आदि में सहयोग शामिल है। संयुक्त कार्य समूह की बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग की आर्थिक सलाहकार सुश्री प्रिया पी. नायर और कतर सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं व्यापार समझौते के निदेशक श्री सालेह अल-माना ने की। भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2023-24 में 14.08 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा है। भारत कतर का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों पक्षों ने 2025 में नई दिल्ली में संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। भारत-कतर संयुक्त कार्य समूह के पहले सत्र में किया गया विचार-विमर्श सौहार्दपूर्ण और दूरदर्शितापूर्ण था। यह दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण एवं विशेष संबंधों को दर्शाता है।

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