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अहमदाबाद

अदाणी समूह अगले दशक में ऊर्जा परिवर्तन व डिजिटल इंफ्रा पर करेगा 100 बिलियन डॉलर खर्च : जेफरीज

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अहमदाबाद । रिसर्च ग्रुप जेफरीज की आई रिपोर्ट में कहा गया है कि अदाणी समूह अगले दशक में ऊर्जा परिवर्तन परियोजनाओं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 बिलियन डॉलर खर्च कर सकता है। यह बात आई जेफरीज की रिपोर्ट में कही गई है। निवेशकों की बैठक में अदाणी समूह के प्रबंधन ने वित्त वर्ष 24 में मजबूत परिचालन प्रदर्शन, पांच वर्षों के लिए 27 प्रतिशत सीएजीआर और व्यवसाय में सर्वाधिक लाभ की रूपरेखा तैयार की। अदाणी पोर्टफोलियो ने वित्त वर्ष 24 में 10 बिलियन डॉलर का ईबीआईटीडीए (परिचालन आय सहित) हासिल किया। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है, “80 प्रतिशत से अधिक ईबीआईटीडीए इंफ्रा संबंधित व्यवसाय से आया है। प्रबंधन ने व्यवसायों के लिए कर के बाद उच्च नकदी (एफएफओ) से ईबीआईटीडीए अनुपात के बारे में भी बात की। इसमें परिचालन से प्राप्त धन (एफएफओ) सभी ऋण परिपक्वताओं को कवर करने के लिए पर्याप्त है।” कंपनी के अनुसार, अनुबंधित ईबीआईटीडीए कुल समूह ईबीआईटीडीए का 80 प्रतिशत है और नकद भंडार उधार के 20 प्रतिशत से अधिक है, जो समूह के नकदी प्रवाह और सिस्टम जोखिम के समाधान में मदद करता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “प्रबंधन समूह स्तर पर पुनर्वित्त जोखिम नहीं देखता है। यह भी कहा कि दर और विदेशी मुद्रा अस्थिरता के बावजूद प्रभावी पूंजी प्रबंधन योजना दर वृद्धि के साथ प्रोफाइल स्थिरता में परिलक्षित हुई है।” डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो समूह देश भर में उपभोक्ताओं के साथ कई टचपॉइंट स्थापित करने में सक्षम रहा है। जेफरीज के अनुसार, समूह को जनसांख्यिकीय लाभांश दिखने की उम्मीद है, अदाणी के मुख्य इंफ्रा प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता आधार पहले से ही 350 मिलियन यूजर्स को पार कर चुका है। इसमें कहा गया है, “समूह मध्यम अवधि में इसका लाभ उठाने की कोशिश करेगा।” अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के लिए, जीएच2 (ग्रीन हाइड्रोजन) परियोजनाएं समूह का सबसे अधिक पूंजीगत व्यय वाला उपक्रम होगा। रिपोर्ट में कहा गया है, “हवाई अड्डे के कारोबार को यातायात और गैर-हवाई प्रवृत्तियों में वृद्धि से लाभ मिलना चाहिए। कंपनी का लक्ष्य भारत के हवाई अड्डे के निजीकरण योजना के तहत नए हवाई अड्डों के लिए बोली लगाना है।” हाल ही में एक तांबे की परियोजना शुरू की गई और कोयले से पीवीसी परियोजना पर काम शुरू हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है, “प्रबंधन को पूंजीगत व्यय के दौरान शुद्ध ऋण/ईबीआईटीडीए के साथ 5 गुना से अधिक नहीं दिख रहा है।” अंबुजा सीमेंट्स के लिए, कंपनी ने दोहराया कि वित्त वर्ष 28 तक 140 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की समयसीमा पटरी पर है और कंपनी 1,500 रुपये ईबीआईटीडीए/टी का मार्गदर्शन जारी रखे हुए है। जेफरीज ने कहा, “कंपनी वित्त वर्ष 28 तक 3,650 रुपये प्रति टन (वर्तमान से 500 रुपये प्रति टन से भी कम) की उत्पादन लागत तक पहुंचने की उम्मीद कर रही है, जो वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ होगी। कंपनी मध्यम अवधि में अपनी सभी सीमेंट कंपनियों को एक ही मद में समेकित करने की योजना बना रही है, और सबसे बेहतर ढांचे की पहचान करने के लिए काम कर रही है।” अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) के लिए, कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 26ई तक 170 अरब रुपये की निर्माणाधीन ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों को चालू करना है। कंपनी ने 12-15 महीनों में 1.1 ट्रिलियन रुपये की टैरिफ- आधारित प्रतिस्पर्धी बोली पाइपलाइन का संकेत दिया, इसमें एईएसएल की 16 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है। इस बीच, अदाणी ग्रीन ने मार्च में 10.9 गीगावाट की क्षमता स्थापित की थी, और 11 गीगावाट की अन्य परियोजनाएं निष्पादन के अधीन हैं। “कंपनी का वित्त वर्ष 25ई और वित्त वर्ष 26ई में प्रति वर्ष 6-8 गीगावाट क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रबंधन ने वित्त वर्ष 30 तक क्षमता को 50 गीगावाट तक बढ़ाने के अपने रुख को दोहराया है, इसमें 5 गीगावाट पंप हाइड्रो परियोजना भी शामिल है।

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अदाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स का वित्त वर्ष 24 में 4,738 करोड रुपये का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध मुनाफा

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अहमदाबाद  । अंबुजा सीमेंट्स ने वित्त वर्ष 2024 के लिए शुद्ध लाभ (पीएटी) 4,738 करोड़ रुपये बताया है जो कि साल-दर-साल 119 प्रतिशत और कुल कमाई में 6,400 करोड़ रुपये पर 73 प्रतिशत की वृद्धि है। वित्त वर्ष 24 में चौथी तिमाही के लिए अंबुजा सीमेंट्स ने 1,699 करोड़ रुपये की कुल कमाई दर्ज की जो कि 37 प्रतिशत (साल-दर-साल) अधिक है। अंबुजा सीमेंट्स के निदेशक और सीईओ अजय कपूर ने कहा, “वर्ष के दौरान हमारा प्रभावशाली वित्तीय प्रदर्शन हमारे बिजनेस मॉडल की मजबूती का प्रमाण है। यह बताता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था चुनौतीपूर्ण वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के बीच भी चमक रही है।” अदाणी परिवार ने पिछले महीने अंबुजा सीमेंट्स में 8,339 करोड़ रुपये का निवेश कर 70.3 प्रतिशत तक हिस्सेदारी ले ली थी। यह कंपनी के प्रमोटर द्वारा 18 अक्टूबर, 2022 को 5,000 करोड़ रुपये और इस साल 28 मार्च को 6,661 करोड़ रुपये के निवेश के बाद आया, जिससे अधिग्रहण के बाद अंबुजा सीमेंट्स में कुल 20,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। कपूर ने कहा, “हम दीर्घकालिक मूल्य और सतत विकास के लिए दृढ़ हैं। हम क्षमता को दोगुना करने, दक्षता में सुधार के लिए निवेश, हरित ऊर्जा, कच्चे माल और ईंधन की सुनिश्चित आपूर्ति की ओर बढ़ रहे हैं।” बोर्ड ने इक्विटी शेयरों पर 2 रुपये प्रति शेयर लाभांश की सिफारिश की है, जो वार्षिक आधार पर पिछले वर्ष की तरह है। अंबुजा सीमेंट्स के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में वॉल्यूम, दक्षता लागत और कैपेक्स जैसे सभी प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) में स्वस्थ सुधार देखा गया। वित्त वर्ष 24 में, कंपनी ने सफलतापूर्वक तीन अधिग्रहण (सांघी, एशियन सीमेंट्स और तूतीकोरिन में जीयू) पूरे किए। सीमेंट क्षमता 11.4 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमपीटीए) बढ़ गई, जिससे कुल क्षमता 78.9 एमपीटीए हो गई।

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